छत्तीसगढ़ राज्य के गठन उपरान्त छत्तीसगढ़ शासन द्वारा धर्म निरपेक्षता के सिद्धांतों का परिपालन करते हुए धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व विभाग का गठन किया गया है। वर्तमान में विभाग द्वारा प्रदेश के शासकीय मंदिरों की देखभाल, देवालयों, मंदिरों की साज-सज्जा, समाधियों तथा मंदिरों का रख-रखाव, पुजारियों एवं सेवादारों को प्रतिमाह दिये जाने वाले मानदेय का निर्धारण किया जाता है। इसके अतिरिक्त विभाग द्वारा शासकीय मंदिर, देवालय तथा समाधियों के जीर्णोद्वार हेतु सहायक अनुदान/आर्थिक सहायता भी उपलब्ध करायी जाती है।
आवश्यकतानुसार विभाग द्वारा समय-समय पर राजिम माघी पुन्नी मेला, गिरौधपुरी मेला, दामाखेड़ा व लालपुर मेला, बस्तर दशहरा व जशपुर उत्सव आदि हेतु सहायक अनुदान/ आर्थिक सहायता प्रदान किया जाता है।
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